Classification of Computer | कंप्यूटर का वर्गीकरण

Classification of Computer

कंप्यूटर का वर्गीकरण उनमें इस्तेमाल होने वाली तकनीक के आधार पर किया गया था। कंप्यूटर का वर्गीकरण उनके प्रदर्शन, आकार तथा कीमत के आधार पर भी किया जा सकता है। कंप्यूटर का प्रदर्शन इस बात पर निर्भर करता है कि वह डेटा किस गति से संसाधित करता है, इसकी संग्रहण क्षमता तथा इनपुट व आउटपुट डिवाइस को संचालन करने की क्षमता कितनी है। गणना की क्षमता के आधार पर कंप्यूटर्स को इस प्रकार से वर्गीकृत किया जा सकता है –

  • माइक्रो कंप्यूटर (Micro Computer)
  • वर्कस्टेशन कंप्यूटर (Workstation Computer)
  • मिनी कंप्यूटर (Mini Computer)
  • मेनफ्रेम कंप्यूटर (Mainframes Computer)
  • सुपर कंप्यूटर (Super Computer)

माइक्रोकम्प्यूटर (Microcomputers)

माइक्रोकम्प्यूटर्स को पर्सनल कम्प्यूटर (PC’s) भी कहा जाता है। इनकी संसाधन गति सीमित होती है। ये कठिन कार्य करने के लिए उपयोग किए जाते हैं। ये मुख्यत: डेस्कटॉप पब्लिशिंग, अकाउंटिंग, सांख्यिकीय, विश्लेषण तथा ग्राफिक्स डिज़ाइनिंग के लिए उपयोग किए जाते हैं। IBM PC, PS/2 तथा Macintosh माइक्रोकम्प्यूटर्स के कुछ उदाहरण हैं।

वर्कस्टेशन कंप्यूटर (Workstation Computer)

वर्कस्टेशन एक कंप्यूटर स्टेशन है जो इंजीनियरिंग अनुप्रयोगों (सीएडी / सीएएम), डेस्कटॉप प्रकाशन, सॉफ्टवेयर विकास, और अन्य ऐसे प्रकार के अनुप्रयोगों के लिए उपयोग किया जाता है, जिसमें कंप्यूटिंग शक्ति और अपेक्षाकृत उच्च गुणवत्ता वाले ग्राफिक्स क्षमताओं की एक मध्यम राशि की आवश्यकता होती है।वर्कस्टेशन आम तौर पर एक बड़ी, उच्च-रिज़ॉल्यूशन ग्राफिक्स स्क्रीन, बड़ी मात्रा में रैम, इनबिल्ट नेटवर्क समर्थन और एक ग्राफिकल यूजर इंटरफेस के साथ आते हैं। अधिकांश वर्कस्टेशन में एक डिस्क स्टोरेज डिवाइस भी होता है जैसे डिस्क ड्राइव, लेकिन एक विशेष प्रकार का वर्कस्टेशन, जिसे डिस्कलेस वर्कस्टेशन कहा जाता है, डिस्क ड्राइव के बिना आता है। कार्यस्थानों के लिए सामान्य ऑपरेटिंग सिस्टम UNIX और Windows NT हैं। पीसी की तरह, वर्कस्टेशन भी पीसी की तरह एकल उपयोगकर्ता कंप्यूटर होते हैं, लेकिन आमतौर पर स्थानीय-क्षेत्र नेटवर्क बनाने के लिए एक साथ जुड़े होते हैं, हालांकि उन्हें स्टैंड-अलोन सिस्टम के रूप में भी इस्तेमाल किया जा सकता है।

मिनीकम्प्यूटर (Minicomputers)

मिनीकम्प्यूटर छोटे तथा सामान्य उपयोग के लिए होते हैं। मिनीकम्प्यूटर, माइक्रोकम्प्यूटर की तुलना में अधिक जटिल कार्य कर सकते हैं। ये मध्यम आकार के संगठनों में डेटा प्रोसेसिंग तथा प्रयोगों के परिणामों का विश्लेषण करने के काम में आते हैं। ये उत्पादन प्रक्रिया पर नियंत्रण तथा निरीक्षण के लिए काम में आते हैं। PDP 11/42 तथा VAX 11 आदि मिनीकम्प्यूटर्स के कुछ उदाहरण हैं।

मेनफ्रेम्स (Mainframes)

मिनीकम्प्यूटर की तुलना में मेनफ्रेम ज्यादा शक्तिशाली, अधिक तेज तथा महंगे होते हैं। इनकी संसाधन गति तेज होती है और ये जटिल प्रकार की कम्प्यूटिंग के लिए उपयोगी हैं। ये बड़े पैमाने पर डेटा का संग्रहण कर सकते हैं। ये वृहद क्षेत्र नेटवर्क (Wide Area Network) में कार्य करते हैं। इस नेटवर्क में सैटेलाइट के जरिए संचार के कार्य एक देश से दूसरे देश में होते हैं। IBM 3000 सिरीज़ तथा Univac 1180 मेनफ्रेम के कुछ उदाहरण हैं।

सुपरकम्प्यूटर (Supercomputer)

मैनफ्रेम की तुलना में सुपरकम्प्यूटर ज्यादा शक्तिशाली तथा अधिक तेज होते हैं। ये सबसे महंगे कम्प्यूटर हैं। संसार में करीब 500 सुपर कम्प्यूटर हैं। इन कम्प्यूटर्स का उपयोग मौसम की भविष्यवाणी, जैवचिकित्सा, वैज्ञानिक गणना तथा एयरक्राफ्ट डिज़ाइनिंग के लिए किया जाता है। इनका उपयोग व्यावसायिक उद्देश्यों जैसे ऑटोमोबाइल डिज़ाइनिंग के लिए भी किया जाता है। भारत के पास सुपर कम्प्यूटर की एक सिरीज़ है जिसे परम (PARAM) कहा जाता है तथा इसका विकास C-DAC द्वारा किया गया है।

आप ने क्या सीखा?

इस पेज में हमने Classification of Computer | कंप्यूटर का वर्गीकरण के बारे में बेहतर ढंग से समझाने की कोशिश की है, मैं आशा करता हूँ  की आपको कंप्यूटर के वर्गीकरण के बारे में अच्छे से जानकारी हो गयी है।

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